उद्देश्य
- कम आबादी वाली ग्राम पंचायतों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना।
- ग्राम पंचायतों को स्वंय के संसाधनों (Own Source Revenue - OSR) से आय अर्जित करने हेतु प्रोत्साहित करना।
- OSR के आधार पर राज्यांश मद से अतिरिक्त धनराशि प्रदान करना।
लाभार्थी ग्राम पंचायतें
जनगणना 2011 के अनुसार 1500 तक आबादी तक वाली ग्राम पंचायतें
OSR की परिभाषा एवं गणना के स्रोत
- जनसेवा केंद्र शुल्क
- कूड़ा कचरा संग्रहण शुल्क
- तालाबों के पट्टे/नीलामी से प्राप्त राशि
- दुकान किराया/शॉपिंग कॉम्प्लेक्स से आय
- जल कर, खाद बिक्री, RRC सेंटर से आय
- राजस्व विभाग से प्राप्त अधिसूचनानुसार कर/शुल्क (धारा 37, अधिनियम 1947)
- OSR खाते/ग्राम पेयजल समिति खातों में जमा ब्याज भी शामिल
प्रोत्साहन राशि का स्वरूप:
- गत वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायत द्वारा अर्जित OSR की 5 गुना धनराशि प्रोत्साहन स्वरूप दी जाएगी।
- OSR आधारित राशि राज्य वित्त आयोग के खाते से ग्राम पंचायतों को स्थानांतरित
निगरानी समिति (जिलाधिकारी अध्यक्षता में)
- जिलाधिकारी (अध्यक्ष)
- मुख्य विकास अधिकारी (उपाध्यक्ष)
- जिला पंचायत राज अधिकारी (सदस्य-सचिव)
- जिला लेखा परीक्षा अधिकारी (सदस्य)
- सहायक विकास अधिकारी (पं.) – संबंधित ब्लॉक से (सदस्य)
क्रियान्वयन प्रक्रिया
- OSR का सत्यापन व पात्रता जनपद स्तर पर समिति द्वारा
- ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर योजना जनरेट कर व्यय किया जाएगा
- योजना राशि ग्राम विकास योजना (GPDP) में सम्मिलित होनी चाहिए
- मानदेय (ग्राम प्रधान/सहायक/केयरटेकर) पर व्यय नहीं किया जाएगा
डिजिटल प्रबंधन
OSR की मॉनिटरिंग हेतु पोर्टल/ऐप विकसित किया जाएगा
अतिरिक्त निर्देश
तालाबों के पट्टों से आय ग्राम निधि खाते में जमा कराना अनिवार्य (G.O. 09.04.2018)